12 जनवरी, 2012

जब हार गया था सत्य

Galileo
मुझे बहुत गुस्सा आता है, जब मैं यह पढ़ता हूँ कि किस तरह चंद क्रूर ईसाई धर्मांधों ने गैलीलियो को ज़िंदा जला दिया था। गैलीलियो का गुनाह बस इतना था। कि उन्होने एक सच बात बोली थी। उन्होने कहा था कि सूर्य पृथ्वी के चक्कर नहीं लगाता, बल्कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। जबकि धर्मग्रंथ में लिखा था कि पृथ्वी केंद्र में है और सूर्य तथा अन्य ग्रह उसकी परिक्रमा करते हैं। गैलीलियो ने जो बोला, वह सच था। धर्मग्रंथ में झूठ लिखा था, इसलिए धर्मग्रंथ को सच मानने वाले सभी अंधे, गैलीलियो के विरुद्ध हो गए। गैलीलियो को पकड़कर मुक़द्दमा चलाया गया। अदालत भीड़ से डर गई। भीड़ ने कहा यह हमारे धर्म के खिलाफ बोलता है, इसे ज़िंदा जला दो। अदालत ने फैसला दिया, इसे ज़िंदा जला दो, क्योंकि इसने लोगों की धार्मिक आस्था के खिलाफ बोला है। सत्य हार गया, आस्था जीत गई।

साभार-हिंदुस्तान

11 जनवरी, 2012

सत्तर वर्ष के हो गए स्टीफिन हॉंकिंग

 प्रख्यात वैज्ञानिक स्टीफिन हॉंकिंग इस 8-जनवरी-2012 को सत्तर वर्ष के हो गए। आठ जनवरी 1942 को इंग्लैंड में जन्में हॉंकिंग निस्संदेह हमारे वक्त के सबसे चर्चित और लोकप्रिय वैज्ञानिक हैं। हॉंकिंग का 70 वर्ष का होना इस मायने में महत्वपूर्ण है कि 21 वर्ष की उम्र में उन्हें ‘एमायोट्राफिक लेटरल स्क्लेरॉसिस’ नाम के कठिन रोग ने घेर लिया था।