12 मार्च, 2011

गरीबों की भी सुनो...

मैं अक्सर सोचा करता हूँ कि हमारे देश में आज भी कितने लोग एक दिन का राशन नहीं जुटा पाते, बहुत चाहने और हाथ-पैर मारने के बाद भी ऐसे लोग अपना जीवन-यापन का स्तर नहीं सुधार पाते। क्या हम किसी सरल तरीके से सरकार के काम में हाथ बटा कर उनकी मदद नहीँ कर सकते, जरा सोचिए।
मेरे पास एक आइडिया है जो गरीब भारतियों के लिए है